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जुल्फें

उफ़्फ़ येह जुल्फें तेरी  जब भी सवरताँ हूँ  ये ऊलघ सी जाती है  क्यूंकि इन में मैं घुम हो जाता हूँ | उफ़्फ़ क्या तेरा उस दर्द को छुपाना  वो आशुओं का रोक पाना तेरा हो सके तो पी जाओं बस इन्ही हसरतों में क्यू में जिये जाऊँ || उफ़्फ़ मार डालेगी तेरी ये जुदाई तेरी हाथों की ये चूडियाँ ये तेरे दिल का सुकून ये तेरी मेरे से दूरियाँ |

हकीकत

भुलाना चाहा तेरी यादों को इस दिल से जिस दिन से , क्यूँ खवाबों में हकीकत  बन के आने लगे उस दिन से |

आँखें

कितना समझाया कितना सुनाया फिर भी दिल ये समझ ना पाया । मेरी इन् खूबसूरत आँखों को  फिर इसने बेवजह ही इतना रुलाया ।

प्यार

प्यार एक से होता हैं, हजारों से नहीं! मिलते तोह इस ज़िंदगी में हजारों हैं, बस वोही क्यू "एक" किस्मत में नहीं!!

ख़वाब

देखा था जो ख़वाब  वोह बड़ा ही हसीं था  तू थी मेरे साथ  वोह पल बड़ा खुशनसीब था ।  जैसे ही जागे थे उस हसीं ख़वाब से ना थी तू क़रीब वोह ख़वाब बड़ा ही बदतमीज़ था ।

दिल यह मेरा कहता है

एक दर्द सा दिल में होता है जब तोड़ के इसको जाये कोई | फिर टूटे इस दिल को समझाऊ कैसे  अब रखना ना किसी से आस कोई | क्यों जीता फिर में वही आस लिए आईगी वोह फिर पास मेरे | रखेगी वोह मेरे काँधे पे सर फिर दर्द ना होगा साथ मेरे | पर दिल यह मेरा कहता है अब ना आना उस को लौट कर | सॊजा उसकी यादों के संग मौत की अब तू फरियाद कर |

परछाई

ज़िन्दगी जब मिली थी  तब हर ख़ुशी साथ थी  काले घने बादलों में  वोह रौशनी साथ थी  चाहे कितनी भी धूप हो वोह बारिश की नमी साथ थी उदासी के चंद लम्हों में हलकी सी हँसी साथ थी लेकिन जब हुआ सामना ज़िन्दगी की सचाई से दर्द भी था तन्हाई भी साथ थी मौत के उन् अंधेरों में बस मेरी परछाई ही साथ थी |

हँसी

मुस्काराते उनको देख कर  हल्की की हँसी हमारे चहरे भी आई  उनका तोह पता नहीं  लेकिन वोह हँसी हमें किसी दर्द को छुपाने के लिए आई ।

साँसें

जाने क्यों अब भी चल रही है मेरी "साँसें" शायद ज़िन्दगी को पता नहीं के  किसी के लिए हम अपनी "जान " दे चुके हैं !

दर्द

एक अजीब सा दर्द है, जो बिन बुलाये चला आता है  ज़िन्दगी का एहसास कराके, ना जाने कहाँ चला जाता है  ख़ुशी से ज्यादा ना जाने क्यूँ , इस दर्द में मज़ा आता है  जाने क्या कशिश है इसमें , की इसे में भुला नहीं पाता हूँ  ऐसा लगता है इससे मेरा , न जाने कितने जन्मो का नाता है  इसलिए तो यह हमेशा ,अपनों की तरह बिन बुलाये चला आता है !!

कैसे ?

कैसे बताएं उसे की कितना चाहते हैं , चाहकर भी उससे बता नहीं पायेंगे !  कैसे समझाएं उसे की कितना प्यार करते हैं , प्यार करें तोह भी वोह समझ नहीं पायेंगे !  कैसे यकीन दिलाएं की मर जायेंगे उसके बिना , मर भी जाएँ तोह यकीन नहीं दिला पायेंगे ! कैसे कहें दिल से की भूल जाए उसे , भूल भी जाएँ तोह भूल नहीं पायेंगे !